खास वार्ड में भी आम हैं समस्याएं

नगर का कचहरी वार्ड सिर्फ इसलिए महत्वपूर्ण नहीं है कि यहां एसडीएम और तहसील कार्यालय सहित तमाम महत्वपूर्ण दफ्तर हैं बल्कि इसलिए भी खास है कि यह वार्ड नगर पंचायत अध्यक्ष गोविंद वर्मा से भी जुड़ा है। इसके बावजूद यहां समस्याओं की कमी नहीं है। दोपहर बाद यहां सफाई नहीं होने से शाम के वक्त गंदगी का अंबार रहता है। कूड़ा डंप करने से लोगों को दुर्गंध से दो-चार होना पड़ता है। वार्ड में पेयजल किल्लत भी खूब है। चौथे दिन पानी मिलने से लोग हैंडपंपों, नौलों और धारों में जाने को मजबूर हैं। वार्ड में बनी कई नालियां खुली हैं और उनके ऊपर से पाइप लाइनों के जाल बिछे हुए हैं। सार्वजनिक शौचालय भी नहीं बना है। खुली बैठकों के जरिए जन समस्याओं के निदान का प्रयास किया गया है। पंचायत के गठन के सवा साल बाद वार्ड में चार संपर्क मार्गों का निर्माण किया गया है।
क्या कहते हैं वार्डवासी:
मकानों के ऊपर से गुजर रही हैं बिजली लाइनें
सुंदर लुठी का कहना है कि वार्ड में कई मकानों के ऊपर से बिजली लाइनें गुजर रही हैं जिससे हादसों का खतरा बना रहता है। छतों के ऊपर से गुजरने वाली लाइनों को अन्यत्र शिफ्ट किया जाए या बंच केबल डाली जाए।
पेयजल समस्या के स्थायी हल की जरूरत
त्रिलोक सिंह बिष्ट का कहना है कि सबसे बड़ी दिक्कत पेयजल की है। यहां तीसरे-चौथे दिन पानी मिल रहा है और वह भी महज 40 मिनट। इससे लोग पेयजल संकट से दो-चार हैं। इस समस्या का स्थायी समाधान करना आवश्यक है।
पटाल डाल ढकी जाएं नालियां
ललित राय का कहना है कि कई स्थानों पर नालियां खुली हैं। इनके ऊपर पटाल न होने से दुर्गंध से लोगों को परेशानी हो रही है। वहीं व्यापारियों के कारोबार पर भी असर पड़ रहा है। नालियों को पटाल से ढकने की व्यवस्था हो।
ठीक कराए गए हैं बदहाल संपर्क मार्ग: सभासद
सभासद दीपक साह का कहना है कि कई स्थानों में बदहाल संपर्क मार्गों का पुनर्निर्माण किया गया है। समस्याओं के हल के लिए खुली बैठकें की जा रही हैं। शाम की शिफ्ट में वार्ड में पुख्ता सफाई कार्य नहीं हो पा रहा है। इसके प्रयास किए जाएंगे।