कोरोना वायरस के खतरों से सतर्कता बरतने को स्वास्थ्य विभाग ने नेपाल से सर्वाधिक आवाजाही होने वाली बनबसा सीमा पर हाई अलर्ट जारी किया है। इसके लिए यहां डॉक्टरों की अतिरिक्त टीम पहुंचने लगी है। नैनीताल से आए एक डॉक्टर ने कार्यभार ग्रहण कर लिया है। बार्डर पर एसएसबी चौकी पर स्वास्थ्य विभाग की जांच चौकी स्थापित कर दी गई है। चंपावत स्वास्थ्य विभाग और एसएसबी 57 वीं वाहिनी ई कंपनी की कोरोना को लेकर अति आवश्यक बैठक हुई। बैठक में नेपाल से आने वाली ऐंबुलेंसों का संयुक्त परीक्षण करने का निर्णय लिया गया। तय किय गया कि किसी भी संदिग्ध मरीज को भारत में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। नेपाल की ऐंबुलेंस से भारतीय अस्पतालों को जाने वाले नेपाली मरीजों के स्वास्थ्य की जांच की जाएगी।
अस्पतालों को निर्देश जारी किए जाएंगे ताकि उनकी मॉनीटरिंग की जा सके। कई भी मरीज अपर रेस्पिरेट्री ट्रैक्ट इनफेक्शन का पाया जाता है तो उसको आइसोलेशन वार्ड में रखा जाएगा। स्वास्थ्य विभाग की टीम में प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डा. मोहम्मद उमर, नैनीताल से आए डॉ. कमल किशोर, सीएचओ डॉ. संजय सामंत, एसएसबी की डॉ. राजेश्वरी, ई कंपनी के कमांडर पुष्कर सिंह धामी (निरीक्षक) एवं उनकी टीम शामिल थी। डॉ. उमर ने बताया शनिवार देर शाम तक नेपाल से आने वाले 94 लोगों के स्वास्थ्य की जांच की गई। अब तक 2149 लोगों की जांच की जा चुकी है। भारत-नेपाल सीमा पर कोरोना वायरस की जांच के लिए स्थापित स्वास्थ्य विभाग के कैंपों में नैनीताल से भेजी गई चार डॉक्टरों की टीम में से दो डॉक्टरों ने कार्यभार ग्रहण कर लिया है। दो अन्य डॉक्टरों के रविवार को पहुंचने की उम्मीद जताई गई है।
कोरोना वायरस के संक्रमण के बाद स्वास्थ्य विभाग ने नेपाल से भारत आने वाले लोगों के स्वास्थ्य की जांच के लिए अलर्ट जारी किया है। बनबसा और टनकपुर सीमा पर स्वास्थ्य की जांच के लिए केंद्र स्थापित किए गए हैं। स्वास्थ्य महानिदेशक के आदेश पर इन जांच केंद्र में जिले के डॉक्टरों के अलावा नैनीताल जिले के आठ विशेष डॉक्टर तैनात किए गए हैं।
इनमें से चार डॉक्टर 15 से 25 फरवरी तक ड्यूटी देंगे जबकि अन्य चार 26 फरवरी से 8 मार्च तक तैनात रहेंगे। एसीएमओ डॉ. एचएस ह्यांकी ने बताया कि नैनीताल के चार में से दो डॉक्टरों ने कार्यभार ग्रहण कर लिया है। डॉ. अंकित चौधरी को टनकपुर और डॉ. वैभव सयाल बनबसा जांच केंद्र में तैनात किया गया है।
नेपाल सीमा पर कोरोना वायरस की जांच को विशेष टीम के दो डॉक्टर पहुंचे